वडाली ब्रदर्स की सूफी जोड़ी टूटी, नहीं रहे ‘प्यारेलाल जी’

न्यूज डेस्क, खबरिया चौपाल || सूफी गायकी की जानी-मानी जोड़ी वडाली ब्रदर्स की शानदार जोड़ी शुक्रवार को उस वक्त टूट गयी जब उस्ताद पूरनचंद के छोटे भाई प्यारेलाल वडाली का अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में 75 साल की उम्र में निधन हो गया। खबर है कि प्यारेलाल जी को कार्डियक अरेस्ट के चलते अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार 9 मार्च को उनका निधन हो गया। पंजाबी सूफी गायक प्यारेलाल अपने भाई पूरनचंद वडाली के साथ देश और विदेश में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुके हैं। उन्होंने अपने जीवन में अपने भाई पूरनचंद को ही गुरु माना जिन्होंने पटियाला घराने के उस्ताद बड़े गुलाम अली खान और पंडित दुर्गा दास जैसे सूरसागरों से गायकी का हुनर लिया।

वडाली ब्रदर्स जोड़ी के ये दोनों ही गायक काफियां, गुरबाणी, ग़ज़ल और भजन के लिए जाने जाते थे। शुरुआत में ये दोनों ही भाई गायकी के व्यावसायिकरण के खिलाफ थे, इसलिए ये ना सिर्फ संगीत के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट के प्रयोग में असहज थे बल्कि किसी के साथ जुड़कर गाना भी इनकी प्राथमिकता नहीं रही। इसलिए ये सिर्फ स्वतंत्र रूप गायकी करते थे। अपने संगीत में दोनों भाइयों का सिर्फ तान और लाप पर जोर रहा करता था। उन्होंने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत पिंजर फिल्म में गुलज़ार साहब के लिख गाने के साथ की, उसके बाद उन्होंने ‘धूप’ तमिल फिल्म ‘चिक्कू बुक्कू’, ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘मौसम’ जैसी फिल्मो में अपनी आवाज दी।

दोनों बंधुओं में बड़े भाई पूरनचंद गायकी से पहले लगभग ढाई दशक तक अखाड़े में रहे, वहीं छोटे भाई गांव की नाटक रासलीला में कृष्ण का किरदार निभाते थे। पिता ठाकुरदास के कहने पर बढे भाई पूरनचंद ने संगीत सीखा और अपने छोटे भाई प्यारेलाल को भी अपना हुनर दिया। दोनों ने साथ मिलकर 1975 में अपना जालंधर के हर्वल्लभ में अपना पहला प्रोग्राम किया।

 

वडाली फेमस सॉन्ग्स कलेक्शन

रंगरेज (तनु वेड्स मनु)

तू माने या ना माने दिलदारा

दर्द मारेया (पिंजर)

बुल्लेया की जाना मैं कौन

दमा दम मस्त कलंदर

चेहरा मेरे यार का (धूप)

चिट्टियां

याद पिया की आए

तेरे इश्क नचया

अलफ अल्लाह

कादियां आ मिल जाए यार

सोने यार

अजब तेरा कानून देखा ए खुदाया

 

सम्मान

वर्ष 1992 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार।

वर्ष 1998 मध्य प्रदेश द्वारा दिए जाने वाला तुलसी सम्मान।

वर्ष 2003 में पंजाब संगीत नाटक एकेडमी अवार्ड से सम्मनित।

पूरनचंद वडाली को भारत सरकार द्वारा 2005 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

जालंधर में PTC अवार्ड में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड।

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