पीएम ने ‘मन की बात’ में किया एक चाय वाले का जिक्र, क्यों खास है आखिर ये चाय वाल ?

न्यूज डेस्क, नई दिल्ली || पीएम मोदी ने 44वीं बार देश की जनता को अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने कार्यक्रम में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, वीर सावरकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद किया, साथ ही उन 6 लड़कियों को भी बधाई दी जो पानी के जरिए पूरी दुनिया की सैर कर करीब 250 से भी ज्यादा दिनों बाद देश लोटीं। इस दौरान पीएम मोदी ने एक और नाम का भी जिक्र किया। पीएम ने जिस नाम का जिक्र किया वो है डी प्रकाश राव का। आप में से कुछ लोग डी प्रकाश राव के बारे में जानते होंगे, लेकिन जो नहीं जानते उन्हें हम बताते हैं कि डी प्रकाश राव कौन हैं और उन्होंने आखिर ऐसा क्या किया जिसके चलते पीएम मोदी ने अपने कार्यक्रम में उनका जिक्र किया।

डी प्रकाश राव ओड़िशा के कटक शहर में रहते हैं। जो पिछले 5 दशक के शहर में चाय बेचते हैं। अगर 5 दशक कहा जाए तो ये समय पढ़ने वालों को काफी कम लगेगा, अगर इसे सीधी गिनती में कहा जाए तो ये 50 साल होते हैं। लेकिन चाय बेचकर अपना घर चलाने वाले प्रकाश राव ने 70 से भी ज्यादा बच्चों के जीवन में शिक्षा का प्रकाश किया है। दरअसल प्रकाश राव ‘आशा आश्वासन’ नाम से एक स्कूल चलाते हैं। और प्रकाश राव अपनी कमाई का 50 फीसदी हीस्सा स्कूल में लगाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। स्कूल में जो भी बच्चा है उसके स्वास्थ्य, शिक्षा और खाने की पूरी जिम्मेदारी प्रकाश राव खुद से ही करते हैं।

 

प्रकाश राव ने बताया कि वो जब 6 साल के थे तबसे चाय बेच रहे हैं और आज वो 60 साल के हो गए हैं। यानि करीब 54 साल से प्रकाश राव चाय बेचने का काम कर रहे हैं। प्रकाश राव के पिता एक सेनिक थे, जिन्होंने 1960 में कटक में एक चाय की दुकान खोली। बचपन से ही प्रकाश राव भी पिता का हाथ बटाने और घर की स्थिति को संभालने के लिए चाय की दुकान पर ही लग गए। लेकिन जब प्रकाश राव को चाय की दुकान के फुरसत मिलती है तो वो आराम करने अपने घर नहीं जाते, बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के चल पड़ते हैं। वो अपना आशा आश्वासन स्कूल पहंचे हैं और बच्चों को पढ़ाते हैं।

प्रकाश राव सिर्फ गरीब बच्चों को शिक्षा ही नहीं देते बल्कि समय-समय पर रक्तदान भी करते हैं। उन्होंने रक्तदान कर अभी तक 200 से ज्यादा जिंदगियां बचाई हैं। उन्होंने एक ऐसा समूह भी बनाया हुआ है जो समय आने पर तुरंत जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करते हैं। प्रकाश राव की समाज में सहभागिता को देखते हुए उन्हे सरकार की तरफ से सम्मानित भी किया जा चुका है।

जहां आज के समय में एक तरफ अच्छी पढ़ाई और अच्छे स्कूल में दाखिले के लिए अच्छी खासी रकम स्कूल वसूलता है वहीं दूसरी तरफ डी प्रकाश राव जैसे लोग देश में मिसाल कायम कर देते हैं। और बताते हैं कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ समय निकाल कर दूसरों को दिया जाए तो उनकी जिंदगी रोशन की जा सकती है।

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