दिल्ली को ट्रैफिक फ्री करने के लिए 354 जगहों पर है सुधार की ज़रूरत

प्रिया राणा, न्यूज़ डेस्क || सुप्रीम कोर्ट में 30 जुलाई को दिल्ली में ट्रेफिक जाम की समस्या पर हुई सुनवाई के बाद ट्रैफिक पुलिस ने अब PWD से साफ कह दिया है कि वह एक तय समय सीमा के अंदर रोड इंजीनियरिंग से जुड़े कामों को पूरा करें। इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को PWD ने पहले हो चुकी 54 मीटिंग के बारे में बताया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने PWD को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि सिर्फ मीटिंग ही नहीं ज़मीनी स्तर पर काम की ज़रूरत है। जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने PWD को सड़कों पर रोड इंजीनियरिंग से जुड़े कामों को पूरा करने के लिए एक डेडलाइन फिक्स करने के निर्देश भी दिए थे। ताकि सुप्रीम कोर्ट को बताया जा सके कि किस जगह पर और कब तक स्थिति में सुधार में सुधार आएगा।

रोड इंजीनियरिंग से जुड़ी खामियां ही हैं ट्रैफिक कंजेशन की मुख्य वजह

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार ज्यादातर जगहों पर रोड इंजीनियरिंग से जुड़ी खामियां ही ट्रैफिक कंजेशन की मुख्य वजह है। अगर उन खामियों पर काम किया जाए और जरूरी इंतजाम कर दिए जाएं, तो ट्रैफिक कंजेशन को कम किया जा सकता है।

354 छोटे कामों की हो चुकी है पहचान

ट्रैफिक पुलिस के स्पेशल कमिश्नर ताज हसन के अनुसार 28 चुनिंदा कॉरिडोर्स पर अवैध पार्किंग और एनक्रोचमेंट को हटाकर ट्रैफिक का मूवमेंट स्मूद बनाने के लिए पहले से ही काफी काम चल रहा है। साथ ही सभी प्रमुख कॉरिडोर्स पर 354 ऐसे छोटे-छोटे कामों की पहचान भी की जा चुकी है, जिनको पूरा करके उन कॉरिडोर्स पर ट्रैफिक को स्मूद बनाया जा सकेगा। इनमें लगभग 80 प्रतिशत काम रोड इंजीनियरिंग से संबंधित है और ये काम काम पीडब्लूडी को करने हैं।

काम को पूरा करने के लिए बनाई गई हैं डेडिकेटेड टीमें

स्पेशल कमिश्नर ने कहा है कि PWD 70 जगहों पर काम पूरा कर चुकी है और बाकी जगहों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने उनसे टाइमलाइन मांगी है। वहीं ट्रैफिक पुलिस के कार्यक्षेत्र से संबंधित काम को पूरा करने के लिए डेडिकेटेड टीमें लगाई गई हैं। अवैध पार्किंग को रोकने, प्रमुख कॉरिडोर्स में ट्रैफिक कंजेशन को कम करने के लिए एनक्रोचमेंट हटाने जैसे कामों की निगरानी के लिए प्रत्येक रेंज के डीसीपी को अलग-अलग कॉरिडोर्स का इंचार्ज बनाया गया है, जो नियमित रूप से यह रिपोर्ट भेज रहे हैं कि कॉरिडोर में ट्रैफिक कंजेशन कम करने के लिए क्या एक्शन लिया गया।

जाम कम करने के लिए किए जा सकते हैं ये कार्य

यदि कुछ चौराहों के पास जगह उपलब्ध है तो वहां एनक्रोचमेंट हटाकर फ्री लेफ्ट टर्न बनाए जाए। पैदल चलने वालों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाएं ताकि ट्रैफिक डिस्टर्ब ना हो। संकरी सड़कों पर ट्रैफिक को वन-वे करने के लिए साइनेज लगाए जाएं और कट बंद किए जाएं। जहां संभव है वहां सड़क चौड़ी की जाए, ताकि ट्रैफिक तेजी से निकल सके। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट के इंटीग्रेशन के लिए मेट्रो स्टेशनों के आस-पास जरूरी इंतजाम किए जाएं। चौड़ी सड़कों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए कट बंद करके यू टर्न बनाएं जाएं।

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