आखिर खत्म हुआ इमरान की शेरवानी का इंतजार

प्रिया राणा, न्यज डेस्क || क्रिकेटर पिच से उठकर पॉलिटिक्स में पहुंचे इमरान पाकिस्तान को आखिरकार अपनी शेरवानी पहनने का मौका मिल गया । चुनावी गणित के बाद इमरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन गए हैं। शनिवार को इमरान ने पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इस शपथ समारोह में भारत के पूर्व क्रिकेटर और राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हुए। इमरान खान के शपथ ग्रहण के मौके पर उनकी पत्नी बुशेरा मनेका और पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा, क्रिकेटर से कमेंटेटर बने रमीज राजा, पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम सहित अन्य कई विशिष्ट अतिथि भी मौजूद थे।

शपथ पढ़ने में अटक गए इमरान

पिछले 22 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहे इमरान को पाकिस्तान के राष्ट्रपति भवन, एवान-ए-सद्र में आयोजित एक सादे समारोह में पाकिस्तान की ‘तहरीक-ए-इंसाफ’ पार्टी के प्रमुख 65 वर्षीय खान को राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पद की शपथ दिलाई। इस समारोह की शुरूआत राष्ट्रगान से हुई जिसमें बाद में कुरान की आयतें भी पढ़ी गयीं। अपने शपथ समारोह में काले रंग की शेरवानी पहने खान कुछ नर्वस दिख रहे थे। वहीं, शपथ पढ़ने के दौरान वह उर्दू के शब्दों को बोलने में अटक भी।

इमरान ने हासिल की बहुमत से 3 सीटें अधिक

गौरतलब है कि शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में हुए एकतरफा चुनाव में इमरान खान को देश का नया प्रधानमंत्री चुना गया था। इमरान खान ने इस मुकाबले में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के प्रमुख शाहबाज शरीफ को मात दी। हालांकि, बिलावल भुट्टो जरदारी की अगुवाई वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी, जिसके पास 54 सीटें हैं, के मतदान में हिस्सा नहीं लेने के फैसले के बाद 15वीं नेशनल असेंबली में चुनाव महज एक औपचारिकता रह गई थी। शरीफ की उम्मीदवारी को लेकर पीपीपी और पीएमएल-एन के बीच मतभेद भी सामने आए थे। निचले सदन में हुई इस चुनाव प्रक्रिया में इमरान को 176 वोट मिले जबकि उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी और पीएमएल-एन के प्रमुख शाहबाज शरीफ को 96 वोट मिले। बता दें पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की कुल 336 सीटों में इमरान खान को बहुमत के लिए 173 की आवश्यकता थी। वहीं, इमरान ने बहुमत से 3 सीटें अधिक हालिल की।

क्रिकेट से पीएम तक का सफर

इमरान का पूरा नाम इमरान अहमद खान नियाजी है। वे 5 अक्टूबर, 1952 को लाहौर के एक पश्तून परिवार में जन्में थे। इमरान ने अपनी पढ़ाई लाहौर के एक कॉलेज एचिसन कॉलेज की। जहाँ क्रिकेट में भी उनका शानदार प्रदर्शन रहा। इमरान ने साल 1975 में लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केबल कॉलेज से ग्रेजुएशन से डिग्री हासिल की। फिर उन्होंने फिलोसफी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। कहा यह भी जाता है कि वे महज़ 13 साल की उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने केवल 18 वर्ष की उम्र में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए अपना डेब्यू 1971 में बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। दो दशक क्रिकेट खेलने के बाद 1982 से 1992 तक पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कैप्टन भी रहे। 1992 में पाकिस्तान को पहला और इकलौता क्रिकेट वर्ल्डकप भी जिताया था।

क्रिकेट से सन्यास लेने के किया लोककल्याण के लिए काम, फिर रखा राजनीति में कदम

फिर 1992 में क्रिकेट को अलविदा कहकर जनहित और लोककल्याण के लिए भी काम करना शुरू किया और अपनी माँ के नाम पर एक कैंसर अस्पताल व युवाओं के लिए कॉलेज भी बनवाया।  साल 1996 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी बनाकर राजनीति में कदम रखा। इमरान ने तीन शादियाँ की। पहली शादी 16 मई 1995 में जेमाइमा गोल्डस्मिथ से दूसरी शादी 2015 में ब्रिटिश-पाकिस्तानी पत्रकार रेहम खान से और तीसरी शादी साल 2018 में बुशरा मानेका से की। बुशरा के साथ वे अभी भी हैं।

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