कॉपी नहीं मिलने पर सीबीएसई बोर्ड ने किया छात्र की जिंदगी से खिलवाड़

श्री कृष्ण, नई दिल्ली ।। दिल्ली में सीबीएसई बोर्ड की लापरवाही का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें दिल्ली की केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वी के छात्र की परीक्षा कॉपी खो जाने पर कोई कार्रवाई ही नहीं की। बल्कि सीबीएसई बोर्ड ने दूसरे विद्यार्थी की कॉपी पर उस छात्र का रोल नंबर डालकर बिना देखे नंबर दे दिए। ऐसे में सवाल उठता है कि सीबीएसई बोर्ड बच्चों की जिंदगी से ऐसा खिलवाड़ कैसे कर सकता है? क्या दूसरे बच्चे की कॉपी देखकर किसी के नंबर तय किये जा सकते है?

सीबीएसई बोर्ड ने किया बच्चें की जिंदगी से खिलवाड़

साइंस साइड का पढ़ने वाले छात्र धुव्र ने इस वर्ष 12वी कक्षा के पेपर दिये थे। जब 12वी क्लास का रिजल्ट आया तो धुव्र के अंग्रेजी विषय में 40 नंबर आये जिसे देखकर परिवार में किसी को विश्वास नहीं हुआ। जब 500 रुपये जमा कर परीक्षा की कॉपी निकलवाई गई तो परीक्षा की कॉपी को देखकर हर कोई दंग रह गया। ऐसा इसलिए क्योंकि वह कॉपी धुव्र की थी ही नही।

राइटिंग नही मिलने पर गलत कॉपी पर रोल नंबर लिखने की मानी गलती

सीबीएसई की इस लापरवाही की जानकारी जब छात्र के पिता को मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत हाईकोर्ट में की। मामले में सीबीएसई बोर्ड ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि छात्र की कॉपी मिल ही नहीं रही थी। साथ ही बोर्ड ने कहा कि छात्र की राइटिंग से किसी और की हैंडराइटिंग नहीं मिली तो रोल नंबर लिखते वक्त कॉपी में गलती हो गई।

सीबीएसई के दिए विकल्पों में छात्र ने मारी बाजी

हाईकोर्ट के निर्देश पर बोर्ड ने अपनी गलती मानते हुए छात्र को दो विक्लप दिये, जिसमें से पहला था कि छात्र के तीन विषयों में अच्छे नंबर के आधार पर अंग्रेजी सब्जेक्ट में भी उतने नंबर दे दिये जायें। दूसरा विकल्प यह था कि अंग्रेजी विषय की परीक्षा दुबारा से दी जायें। धुव्र ने इसमें से दूसरा विकल्प चुना। धुव्र के दुबारा परीक्षा देने के बाद 89 अंक आये जो पिछले नंबरो से काफी अधिक थे।

अपने पहले नतीजों को देखकर धुव्र ने जो उम्मीदें की थी शायद उसकी सारी उम्मीदें टूट गई होंगी। हालांकि, बोर्ड ने अपनी गलती छुपाने के लिए किसी और की परीक्षा को देखकर छात्र के नंबर दे दिये।

मई महीने में जब बोर्ड का रिजल्ट आता है तो कई बच्चे अपने कम नंबरो की वजह से गलत तरीके का कदम उठाने की कोशिश करते है। क्या बोर्ड को इस बात का बिल्कुल भी ध्यान नहीं आया कि उनकी इतनी बड़ी लापरवाही से कोई छात्र गलत कदम भी उठा सकता है? अगर, भविष्य में सीबीएसई बोर्ड द्वारा कोई ऐसी गलती होती है तो उनकी छोटी सी लापरवाही किसी छात्र की जिंदगी पर बहुत भारी पढ़ सकती है।

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