एमपी के सीएम शिवराज पर टिप्पणी करने वाले नेता के फिर बिगड़े बोल

विभा कुमारी, नई दिल्ली ।। जैसे-जैसे चुनावों की तारीखें नजदीक आती है, वैसे-वैसे राजनेताओं के जुबान भी फिसलने लगती है। चाहे वह नेता पक्ष में हो या विपक्ष में, विवादित बोल के मामले में कोई किसी से पीछे नहीं है। ऐसे में बात जब मध्य प्रदेश की हो तो वहां चुनाव की सरगर्मियां और भी तेज है, क्योंकि इसी साल वहां विधानसभा के चुनाव होने है। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री का विवादित बोल खूब सुर्खियों में है।

तालियां पाने की लालसा में फिसल गई जुबान

आपको बता दें कि इस बार शिक्षा दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षामंत्री कुंवर विजय शाह एक कार्यक्रम में अतिथि के रुप में शामिल हुए। जब वह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे तब उनके कान तालियों की गूंज सुनने को तरस गए, इसी लालसा में उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने विवादित बयानबजी कर दी।

दरअसल जब वो लोगों को संबोधित कर रहे थे तब उन्हें लगा लोग तालियां नहीं बजा रहे हैं, सिर्फ बजाने का दिखावा कर रहे हैं। इसी बात पर विजय शाह ने अपनी पाठशाला शुरू कर दी और कहा ‘मैं यहां देख रहा हूं कि कुछ हमारे साथी तालियां नहीं बजा रहे सिर्फ बजाने का बहाना कर रहे हैं, मैं आपको बता दूं कि गुरु जो है गोविंद से बना है, ईश्वर से बड़ा है। अगर गुरु के सम्मान में आपने तालियां नहीं बजाई तो अगले जन्म में घर-घर जाकर तालियां बजानी पड़ेगी’।

विजय शाह के इतने भर कहने से वहां मौजूद लोग बहुत तेज तालियां बजाने लग गए और सभागार तालियों से गूंज उठा। इस पर मंत्री साहब ने कहा इसका मतलब है अगले जन्म में कोई घर-घर जाकर ताली नहीं बजाना चाहता।

2013 में देना पड़ा था इस्तीफा

विजय शाह के बिगड़ते बोल का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2013 में भी उनके बोल बिगड़े थे। उस वक्त शाह मध्य प्रदेश सरकार में आदिमजाति कल्याण मंत्री थे। उस समय मंत्री जी ने महिलाओं पर तो टीका टिप्पणी की थी, साथ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी नहीं छोड़ा था।

बता दें कि 2013 में मंत्री साहब एक कार्यक्रम के दौरान झाबुआ पहुंचे थे। वहां पर महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, लगता है झाबुआ में एक के साथ एक फ्री मिलता है। वही पंडाल में बैठी लड़कियों की ओर इशारा करते हुए कहा ‘पहला-पहला मामला कोई नहीं भूलता’।

नेताजी की जुबान की हद तो तब हो गई, जब उन्होंने लपेटे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी ले लिया। शाह ने कहा एक बार उन्होंने शिवराज सिंह चौहान की पत्नी से कहा था ‘भैया के साथ तो रोज आती हो, कभी देवर के साथ भी चली जाया करो’ जिसके कारण शाह को इस्तीफा देना पड़ा था।

अब देखने वाली बात होगी की इस बार शिवराज सिंह चौहान कुंवर विजय शाह के साथ क्या करते है ? क्योंकि 2013 में तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इस बार का क्या होता है ? एक बात समझ में नहीं आती कि देश में आदर्श स्थापित करने की बात कहने वाली राजनितिक पार्टियां खुद हर बार क्यों आदर्श भूल बैठती हैं। वहीं ऐसे बयान बाजी करने वालों राजनेताओं को कोई सजा क्यों नहीं देती ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Updates |