पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने की भारत से मुआवजे की मांग

विभा कुमारी, नई दिल्ली ।। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की हालत इतनी खस्ता हो गई है कि अब वह भारत से मुआवजे की मांग कर रहा है। दरअसल बात यह है कि जब से पाकिस्तान में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हमला हुआ है, तब से कोई भी टीम पाकिस्तान नहीं जाना चाहती। जिसके कारण पाक क्रिकेट बोर्ड की कमाई कम हो गई है। वहीं पी.सी.बी. चाहता है कि भारत और पाक के बीच द्विपक्षीय मुकाबला हो ताकि उसकी कुछ कमाई हो सके। लेकिन कुछ राजनीतिक कारणों से बीसीसीआई पाक क्रिकेट बोर्ड की यह मांग पूरी नहीं कर पा रही है।

पाक क्रिकेट ने भारत से करोड़ो का मुआवजा मांगते हुए यह आरोप लगाया है कि भारत ने दो बार उसके साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इंकार किया, जिससे उसका नुकसान हुआ। इसी मामले को लेकर पाक आईसीसी गया और अब इस मामले पर 1 अक्टूबर से दुबई में सुनवाई होनी है। बता दें कि पाक ने बीसीसीआई से करीब 447 करोड़ रुपये की मांग की है। पाक की इस मांग को नाजायज ठहराते हुए आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बीसीसीआई को कोई पैसा न देने की सलाह दी है।

इस पूरे मसले पर राजीव शुक्ला ने कहा, ‘जहां तक बीसीसीआई बनाम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की बात है, मेरा मत है कि दोनों बोर्ड्स आईसीसी में जाने की जगह इसे खुद सुलझा लें। बीसीसीआई हमेशा पाकिस्तान के साथ खेलना चाहता है, लेकिन कुछ बाते हैं जिसकी वजह से हमें पहले सरकार से इजाजत लेनी होती है।’ शुक्ला ने आगे कहा ‘जब भी अंतर्राष्ट्रीय मैच होते हैं जिन्हें आईसीसी या एशियन क्रिकेट काउंसिल करवाता है, हम पाकिस्तान के साथ खेलते ही हैं। पाकिस्तान को पैसे देने का कोई मतलब नहीं बनता।’

इस मुद्दे पर बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘बहुत दिनों से कोई भी देश क्रिकेट खेलने पाकिस्तान नहीं जाता। मेरा मानना है कि भारत की तरफ से किसी अधिकारी को आईसीसी की सुनवाई का हिस्सा नहीं बनना चाहिए और ना ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को पैसे देने की जरुरत है।’

बता दें कि पाकिस्तान ने एमओयू समझौते का हवाला देते हुए भारत से मुआवजे की मांग की है। जिसके अनुसार दोनों देशों के बीच कुल 6 द्वीपक्षीय सीरीज खेली जानी थी जो नहीं खेली गई। वहीं बीसीसीआई का कहना है कि उन पर कोई पाबंदी नहीं थी क्योंकि इसके कुछ शर्तों को पाकिस्तान ने भी पूरा नहीं किया। अब देखने वाली बात होगी कि क्या भारत पाक की बात मानकर उसे पैसे देता है या नहीं।

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