नवरात्र का दूसरा दिन : देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा से होगी उत्तम फल की प्राप्ति

जूली कुमारी ,स्पेशल रिपोर्ट।। आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। नव दिनों तक चलने वाले नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। यह दुर्गा की दूसरी अवतार हैं जिन्हें नवशक्ति व तप चारिणी भी कहा जाता है। देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करने वालें भगतों को अनंत फल की प्राप्ति होती है। चलिए जानते हैं नवरात्र के दूसरे दिन पूजी जाने वाली माता ब्रह्मचारिणी की दिव्यशक्ति के बारे में।

देवी ब्रह्मचारिणी की पहचान

देवी ब्रह्मचारिणी मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप है। इन देवी के दाएं हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में यह कमण्डल सुशोभित है। इन्हे तप चारिणी भी कहा जाता है जिसका अर्थ है अधिक तपस्या करने वाली देवी। माना जाता है कि अपने पूर्व जन्म में देवी ब्रह्मचारिणी ने हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था और इन्होंने भगवान शंकर को अपने पति के रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी नाम से जाना जाता है।

पूजा का महत्व

कहा जाता है कि देवी ब्रह्मचारिणी अपार शक्ति वाली हैं। इनका स्वरुप बहुत ही सात्विक है। मां दुर्गा का यह दूसरा अवतार भक्तों को मनचाहा फल देने वाली है। इनकी आराधना करने से मन मे तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है और सभी प्रकार के भय और संकटो का नाश होता है और सदा विजय की प्राप्ति होती है।

ऐसे करें देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की विधि अनुसार पूजा करने के लिए माता को फूल, अक्षत, रोली और चंदन चढ़ा कर देवी को खुश करें। इन्हें दूध, दही, मधु और घृत से स्नान करवाएं और फिर प्रसाद चढ़ाएं तथा इन्हे पान और सूपारी भेंट करें। मां ब्रह्मचारिणी की उपासना के समय पीले या सफेद रंग का वस्त्र पहनें।मां को सफेद वस्तुएं चढ़ाये जैसे- मिश्री, शक्कर या पंचामृत। अतं मे सच्चे मन से मंत्रो को जाप करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Updates |