यूं ही नही कोई बन जाता सदी का महानायक

निखिल कुमार झा, मनोरंजन डेस्क।।   आज हम बात कर रहे हैं सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की,जिन्हें हिंदी फिल्म जगत में शहंशाह, BIG B जैसे कई नामों से जाना जाता हैं। आज के समय में अमिताभ बच्चन जैसी सफलता कि चाहत हर कोई करता है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस सफलता के पीछे अमिताभ का कितना ज्यादा संघर्ष रहा। अमिताभ बच्चन ने सफलता कि सीढ़ी चढ़ने से पहले संघर्षपूर्ण समय बिताया ।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942 यूपी इलाहाबाद में हुआ था। उनके पिता का नाम हरिवंश राय बच्चन था,जो एक कवि थे। उनकी माता का नाम तेजी बच्चन था, जो एक समाज सेविका थी। बचपन में अमिताभ का नाम हरिवंश राय बच्चन ने स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित होकर इंकलाब रखा था। लेकिन बाद में हरिवंश बच्चन ने कवि सुमित्रानंदन पंत के कहने पर अपने पुत्र का नाम इंकलाब से बदलकर अमिताभ रखा। अमिताभ का अर्थ होता है, कभी ना खत्म होने वाला प्रकाश।
अमिताभ की प्रारंभिक शिक्षा इलाहाबाद में हुई। बाद में उन्होनें नैनीताल के कॉलेज में दाखिला लेकर थिएटर में अपने अभिनय  की  शुरुआत किया। अमिताभ ने किरोड़ी मल कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। साठ के दशक में ग्रेजुएशन करने के बाद भी उन्हें कहीं काम नही मिला।  बेरोजगारी दौर में बच्चन ने इंडिया रेडियो में इंटरव्यू दिया, जहां उन्हें यह कह कर निकाल दिया गया कि आपकी आवाज बहुत ही ज्यादा मोटी और भद्दी है। फिर वह कलकत्ता पहुंचे।  वहां लगभग 5 साल तक रहे व प्राइवेट जॉब करके अपना गुजर-बसर करते रहे। प्राइवेट जॉब करते हुए भी उनका लगाव फिल्मों की तरफ ही रहा। इसलिए 1968 में वह मुंबई आ गए। जहाँ उन्हें पहली फिल्म में एंट्री वॉइस नॉरेटर के रूप में हुई। वह फिल्म थी भुवन शोम। काफी संघर्ष करने के बाद 1969 में उनकी पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी पर्दे पर आई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। लेकिन अमिताभ के अभिनय को सभी ने सराहा। फिल्म के लिये अमिताभ बच्‍चन को न्यूकमर बेस्ट एक्टर का  पहला राष्ट्रीय पुरस्कार  मिला।  सन् 1971 में आनंद फिल्म मिली इसमें राजेश खन्ना के साथ उन्होंने सर्पोटिंग अभिनेता का किरदार निभाया था। जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड फॉर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर से भी नवाजा गया। लेकिन फिल्मों में उनका संघर्ष जारी रहा। एक के बाद एक कई असफल फिल्मों सें वह भी निराश हो गए। उन्हें कई लोगों ने कहा कि अपने घर वापस चले जाएं  लेकिन वह हार नहीं माने। 1973 में आई फिल्म जंजीर ने अमिताभ बच्चन को रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कई सफल फिल्मों में अभिनय किया इनमें  अमर अकबर एंथनी, दीवार, रोटी कपड़ा और मकान, शोले जैसी कई सफल फिल्म रही। परंतु 26 जुलाई 1982 को कुली फिल्म की एक एक्शन सीन के दौरान अमिताभ बच्चन को लगे चोट ने अमिताभ बच्चन को एक बार फिर हताश कर दिया। जिसके बाद वह फिल्मों से दूर होते चले गए। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से दोस्ती होने के कारण उन्होनें राजनीति में अपने कदम बढ़ाने शुरू किए परंतु वे राजनीति में सफल नही हो सकें उनपर कई आरोप लगे जिसके बाद उन्होनें राजनीतिक को त्याग दिया। 1988 में शहंशाह से उन्होंने बॉलीवुड में वापसी की लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। सन 1995 में अमिताभ बच्चन ने एक कंपनी ABCL भी खोली जो उनकी बर्बादी का सबसे बड़ा कारण रही।

जाने क्या है ABCL

आपको बता दें कि ABCL का मतलब है अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड जो एक प्रोडक्शन हाउस भी था। ABCL ने 1996 में मिस वर्ल्ड का संयोजन भारत में किया पर खराब मैनेजमेंट की वजह से यह कांटेस्ट विवादों में आ गया। जिसके कारण इसकी शूटिंग भारत में ना करके दक्षिण अफ्रीका में की गई, जिसके कारण इसका बजट 2 मिलियन से बढ़कर 5 मिलियन हो गया। जिससे ABCL को 3 करोड़ का घाटा हुआ। फिर भी ABCL ने हार नहीं मानी और USA में शो करने का फैसला लिया। लेकिन खराब प्लानिंग के कारण किसी ने इस शो की बुकिंग भी नहीं ली और कंपनी पूरी तरीके से बंद हो गयी। ABCL कंपनी की इतनी तंगी हालात हो गई थी कि वह ABCL में  काम कर रहे कर्मचारियों कि सैलरी देने में भी समर्थ नही थे। अमिताभ बच्चन ने इन्वेस्टर्स का लोन चुकाने के लिए अपने घर तक को गिरवी रख दिया था।

अमिताभ निराश जरुर हो चूके थे लेकिन हार नही माना। सन् 2000 में फिल्म मोहब्बतें से अमिताभ ने एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी की और सभी को अपने अभिनय से बता दिया कि वही है बॉलिवुड के शहंशाहहैं। अमिताभ ने अपनी आर्थिक हालात को सही करने के सन् 2000 में  छोटे पर्दे पर भी कदम रखा। उन्होनें टीवी रियलिटी शो कौन बनेगा करोड़पति को होस्ट किया। जिसने छोटे पर्दे की कहानी ही बदल कर रख दी। रियलिटी शो की दुनिया में टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। फिर अमिताभ बच्चन बड़े पर्दे के साथ-साथ छोटे पर्दे पर भी बहुत हिट हो गए।

अमिताभ बच्चन के अवॉर्ड्स

1 पद्मश्री।
2 पद्मा विभूषण।
3 पद्म भूषण।
4 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार।(5)
5 फिल्म फेयर।(15)
6 नामांकन पुरस्कार।(41)
7 स्क्रीन पुरस्कार।(11)
8 फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान Night of the legion of honour से भी सम्मानित किया जा चुका है।
9 उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवध सम्मान।
10 उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती सम्मान।
11 मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान।
12 फिल्म तथा संगीत में उनके योगदान के लिए दीनानाथ मंगेशकर सम्मान।
ऐसे बहुत से सम्मानो से अमिताभ बच्चन को नाबाज़ जा चुका है।

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